Flipkart को अपने खिलाफ जांच पर आपत्ति, आदेश को अदालत में दी चुनौती

  • Posted on: 25 February 2020
  • By: admin
भारतीय ई-कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी फ्लिपकार्ट ने अपने खिलाफ एंटीट्रस्ट इंवेस्टीगेशन (भरोसा तोडऩे की शिकायतों की जांच) के आदेश को अदालत में चुनौती दी है। फ्लिपकार्ट रिटेल सेक्टर की अमेरिकी फर्म वॉलमार्ट की कंपनी है। इससे पहले अमेजन डॉट कॉम इंक भी अदालत में इसी तरह की याचिका दायर कर चुकी है, जो भारत में फ्लिपकार्ट की सबसे नजदीकी प्रतिस्पर्धी कंपनी है। यह कंपनी भी अमेरिका की है।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने इसी साल जनवरी में इन दोनों कंपनियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा कानून के कथित उल्लंघन और कीमतों में छूट देने से जुड़े कुछ मामलों की जांच के आदेश दिए थे। इस आदेश को अमेजन ने कानूनी चुनौती दी थी, जिसके बाद राज्य स्तरीय एक अदालत ने पिछले हफ्ते जांच पर रोक लगा दी। मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि फ्लिपकार्ट ने अदालत में जो याचिका लगाई है, उसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि कंपनी सीसीआई के आदेश से आहत है। इस याचिका की अहमियत इसलिए बढ़ जाती है, क्योंकि कुछ ही दिन बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के दौरे पर आने वाले हैं। इस बीच इस बात की आशंका जताई जा रही है कि नई दिल्ली ई-कॉमर्स सेक्टर में विदेशी निवेश के नियम कड़े कर रही है।
कंपनी की यह थी दलील
फिल्पकार्ट ने 18 फरवरी को बेंगलुरु की एक अदालत में अपने खिलाफ जांच के आदेश को चुनौती दी थी। यह याचिका सार्वजनिक नहीं हुई है। रॉयटर्स ने इसकी कॉपी देखी है। एजेंसी के मुताबिक फ्लिपकार्ट ने अपनी याचिका में दलील दी है कि सीसीआई के पास इस बात के शुरुआती सबूत नहीं हैं कि कंपनी जिस तरीके से कारोबार करती है, उससे बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचता है। बावजूद इसके उसने जांच के आदेश जारी किए। कंपनी ने याचिका में कहा है, सीसीआई का आदेश अनुचित है, जिसे दिमाग का इस्तेमाल किए बगैर जारी कर दिया गया।
पूर्वाग्रह का लगाया आरोप
फ्लिपकार्ट ने अदालत से चांज के आदेश रद्द करने का आग्रह करते हुए दलील दी, इस तरह का आदेश जिम्मेदार कॉरपोरेट संस्थाओं को बेनकाब करता है। पूर्वाग्रह से भरे ऐसी कठोर जांच के कारण न केवल विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, बल्कि व्यावसायिक संभावनाओं पर भी असर होता है।
फ्लिपकार्ट के एक प्रवक्ता ने यचिका में दी गई दलीलों के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। संभावना है कि इस याचिका पर सुनवाई अगले हफ्ते होगी। इस मसले पर टिप्पणी के लिए सीसीआई से भी संपर्क किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
जांच के आदेश का आधार
फ्लिपकार्ट और अमेजन के खिलाफ जांच का आदेश नई दिल्ली के एक ट्रेड ग्रुप की उस शिकायत पर आधारित है, जिसमें कहा गया था कि दोनों ई-कॉमर्स कंपनियां चुनिंदा विक्रेताओं को प्रोत्साहित कर रही हैं, जिसके कारण अन्य छोटे कारोबारियों का बिजनेस प्रभावित हो रहा है।
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