यूनिटेक गंभीर कंपनी है, रातों-रात भागने वाली नहीं:चेयरमैन

  • Posted on: 25 September 2017
  • By: admin

नयी दिल्ली। संकटग्रस्त कंपनी यूनिटेक ने कहा कि वह रातों-रात भागने वाली कंपनी न होकर गंभीर कंपनी है। उसने कहा कि परियोजना में हो रही देरी के लिए अनुबंध के तहत खरीदारों को मुआवजा दिया जाएगा। बंबई शेयर बाजार ने धोखाधड़ी के मामले में कंपनी के शीर्ष प्रबंधन को पुलिस हिरासत में लिये जाने संबंधी सात सितंबर को आयी रिपोर्ट के बारे में स्पष्टीकरण मांगा था।
कंपनी के चेयरमैन रमेश चंद्र ने स्पष्टीकरण में बताया कि कंपनी भारत के शीर्ष कारोबारी समूहों में से एक है और देश में रियल इस्टेट एवं ढांचागत विकास क्षेत्र में 40 साल से अधिक के परिचालन का अनुभव रखती है। उन्होंने कहा, ''अलग शब्दों में कहें तो हमारी कंपनी गंभीर रियल इस्टेट डेवलपर है न कि रातों रात भाग जाने वाली कोई कंपनी। "उन्होंने आगे कहा कि प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती तथा कीमतों में गिरावट के कारण घरों के खरीदार अपने निवेश को वापस मांग रहे हैं या देरी के लिए अधिक मुआवजा चाह रहे हैं। चंद्रा ने कहा, ''उपभोक्ताओं में डेवलपरों के खिलाफ आधारहीन आपराधिक मामले या शिकायतें दर्ज कराने का चलन बढ़ा है ताकि वे बुकिंग की कीमत कम करने, अधिक जुर्माना या ब्याज पाने, पैसा वापस लेने आदि जैसी गैरकानूनी मांगें पूरी कराने के लिए दबाव डाल सकें।" चंद्रा ने कहा कि यह मामला उस प्राथमिकी से संबंधित था जो एक 85 वर्षीय महिला ने धोखाधड़ी का आरोप लगाकर दर्ज कराया था। उसने आरोप लगाया था कि उसके द्वारा 2006 में बुक कराये गये एक अपार्टमेंट को तैयार करने में देरी हुई। यह मामला आपराधिक न होकर दिवानी है। उन्होंने आगे बताया कि इस मामले में कंपनी के दो प्रबंध निदेशकों को जमानत मिल चुकी है। अब यह मामला विवाद के सौहार्दपूर्ण निपटारे के लिए मध्यस्थता केंद्र के सामने लंबित है।

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