कोरोना से निपटना होगा

  • Posted on: 10 March 2020
  • By: admin
कोरोना वायरस के भारत पहुंचने से देश में घबराहट बढऩे लगी है। दिल्ली, तेलंगाना और जयपुर में एक-एक मरीज के कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। उप्र में दर्जनों संदिग्ध मामले (यह संख्या बढ़ भी सकती है) सामने आए हैं, जिनके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। इनमें आगरा के एक ही परिवार के छह लोग भी शामिल हैं। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के महानिदेशक ने कहा है कि इससे खौफजदा होने की जरूरत नहीं है।
पहले भी भारत में कोरोना के संदिग्ध और संक्रमित मरीज पाए गए मगर कारगर इलाज की वजह से पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। केरल में ऐसे मरीजों की संख्या 3 बताई गई, जो बेहतर उपचार की बदौलत स्वस्थ हुए। वैसे भारत ने एयरपोर्ट पर सख्त स्क्रीनिंग से लेकर इलाज के लिए मेडिकल सुविधाओं को मजबूत बनाए रखकर इस खतरनाक बीमारी को अब तक अपने से दूर ही रखा है। फिर भी कई स्तर पर कार्रवाई की महती जरूरत है। खासकर दवाओं का स्टॉक और प्रशिक्षित ड़ॉक्टरों और नर्स की फौज तैयार रखनी होगी। लोगों में घबराहट न फैलेग् इसलिए जागरूकता के कार्यक्रम चलाते रहने होंगे। नये और सुविधासंपन्न आइसोलेशन वाडऱ् बनाने होंगे। सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन होम्योपैथी के वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए होम्योपैथी की दवा को कारगर उपाय माना है। किसी भी बीमारी से सिर्फ दवा से नहीं लड़़ा जा सकता है। इसके लिए खुद की जिजीविषा भी बेहद महत्वपूर्ण है। फिलहाल, संतोष की बात है कि देश में वैसे हालात नहीं बने हैं। हां, आने वाले दिनों के लिए तैयारियों को पुष्ट रखना समझदारी भरा कदम होगा। खासकर भारत में तापमान बढ़ ने और नमी के कारण बीमारियां बढ़ती हैं। फ्लू और वायरस के भी कई मामले सामने आते हैं। लिहाजा, लोगों को इसके फर्क बताने का एक कारगर और आसान सिस्टम ईजाद करना होगा। और यह उतना दुष्कर भी नहीं है। अभी तक की सरकार की कार्रवाई से राहत प्रतीत होती है कि हम ऐसे खतरों से निपटने में सक्षम हैं। फिर भी सावधानी रखनी होगी। कोरोना से चीन में अब तक 3 हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं। बाकी देशों में इससे अब तक 179 मौत हो चुकी हैं। परेशानी की बात यह है कि चीन में कोरोना का कहर कम हो रहा है जबकि बाकी देशों में इसके संदिग्ध बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना से निपटना होगा
कोरोना वायरस के भारत पहुंचने से देश में घबराहट बढऩे लगी है। दिल्ली, तेलंगाना और जयपुर में एक-एक मरीज के कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। उप्र में दर्जनों संदिग्ध मामले (यह संख्या बढ़ भी सकती है) सामने आए हैं, जिनके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। इनमें आगरा के एक ही परिवार के छह लोग भी शामिल हैं। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के महानिदेशक ने कहा है कि इससे खौफजदा होने की जरूरत नहीं है। पहले भी भारत में कोरोना के संदिग्ध और संक्रमित मरीज पाए गए मगर कारगर इलाज की वजह से पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। केरल में ऐसे मरीजों की संख्या 3 बताई गई, जो बेहतर उपचार की बदौलत स्वस्थ हुए। वैसे भारत ने एयरपोर्ट पर सख्त स्क्रीनिंग से लेकर इलाज के लिए मेडिकल सुविधाओं को मजबूत बनाए रखकर इस खतरनाक बीमारी को अब तक अपने से दूर ही रखा है। फिर भी कई स्तर पर कार्रवाई की महती जरूरत है। खासकर दवाओं का स्टॉक और प्रशिक्षित ड़ॉक्टरों और नर्स की फौज तैयार रखनी होगी। लोगों में घबराहट न फैलेग् इसलिए जागरूकता के कार्यक्रम चलाते रहने होंगे। नये और सुविधासंपन्न आइसोलेशन वाडऱ् बनाने होंगे। सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन होम्योपैथी के वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए होम्योपैथी की दवा को कारगर उपाय माना है। किसी भी बीमारी से सिर्फ दवा से नहीं लड़़ा जा सकता है। इसके लिए खुद की जिजीविषा भी बेहद महत्वपूर्ण है। फिलहाल, संतोष की बात है कि देश में वैसे हालात नहीं बने हैं। हां, आने वाले दिनों के लिए तैयारियों को पुष्ट रखना समझदारी भरा कदम होगा। खासकर भारत में तापमान बढ़ ने और नमी के कारण बीमारियां बढ़ती हैं। फ्लू और वायरस के भी कई मामले सामने आते हैं। लिहाजा, लोगों को इसके फर्क बताने का एक कारगर और आसान सिस्टम ईजाद करना होगा। और यह उतना दुष्कर भी नहीं है। अभी तक की सरकार की कार्रवाई से राहत प्रतीत होती है कि हम ऐसे खतरों से निपटने में सक्षम हैं। फिर भी सावधानी रखनी होगी। कोरोना से चीन में अब तक 3 हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं। बाकी देशों में इससे अब तक 179 मौत हो चुकी हैं। परेशानी की बात यह है कि चीन में कोरोना का कहर कम हो रहा है जबकि बाकी देशों में इसके संदिग्ध बढ़ते जा रहे हैं। 
Category: